बचपन से ही ऐक्ट्रेस बनने का ख्वाब देखती थीं शरवरी वाघ, बताया- मां के दुपट्टे से बनाती थी ड्रेस

फिल्म ‘बंटी और बबली 2’ से बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली ऐक्ट्रेस शरवरी वाघ  ने अपने इस सपने को सच करने के लिए 6 साल लंबा संघर्ष किया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और इस डेब्यू फिल्म के बाद वे अपनी अगली फिल्म महाराजा की शूटिंग जहां पूरी कर चुकी हैं, वहीं जल्द ही एक और नई फिल्म शुरू करने वाली हैं। प्रफेशनल फ्रंट के अलावा, शरवरी ऐक्टर सनी कौशल के साथ रिश्ते और कटरीना-विकी की शादी की खास मेहमान होने के चलते भी चर्चा में रहीं। एक वर्चुअल मुलाकात में हमने शरवरी ने इन सभी चर्चाओं पर की खास बातचीत:

‘बंटी और बबली 2’ के बाद निजी और प्रफेशनल जिंदगी में क्या बदलाव आया? सबसे यादगार कॉम्प्लिमेंट क्या मिला?

प्रफेशनली काम मिलने का जरिया थोड़ा और बड़ा हो गया है। लोगों से मिलने के मौके बढ़ गए हैं। वहीं, निजी तौर पर कुछ लोग अब पहचानने लग गए हैं। जैसे, लॉकडाउन से पहले मैं मॉल गई थी, तो दो-तीन लड़कियों ने मुझे पहचाना। ये मेरे साथ पहले कभी हुआ नहीं था। रही बात कॉम्प्लिमेंट की, तो मुझे रेखा जी ने कॉल करके कहा कि उन्हें मेरी परफॉर्मेंस बहुत अच्छी लगी। उन्होंने कहा कि बहुत सालों बाद ऐसी ऐक्ट्रेस देखी है, जिसने स्क्रीन को जगमगा दिया और उनकी ये तारीफ मेरे लिए बहुत मायने रखती है। रेखा जी को देखकर हम बड़े हुए हैं। वे इंडस्ट्री की बहुत बड़ी आइकन हैं। अगर वह अपनी दिनचर्या में से पांच मिनट निकालकर मुझसे बात कर रही हैं, तो वह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है, क्योंकि इससे पहले मैं न कभी उनसे मिली थी, न उन्हें पर्सनली देखा था, तो पहले तो मैं यकीन ही नहीं कर पा रही थी कि रेखा जी ने मुझे खुद फोन किया है। वह मेरे लिए बहुत बहुत बड़ा कॉम्प्लिमेंट था।

आप एक बिजनेस और राजनीतिक परिवार से हैं। आपके नाना मनोहर जोशी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ऐसे में ऐक्टिंग की ओर आपका रुझान कैसे हुआ?

असल में, मेरे परिवार में सभी को फिल्में देखने का शौक था। मुझे भी फिल्मों का शौक बचपन से था। मेरी मम्मी जब लोगों को अपने कपड़े देती थीं, तो मैं उनके दुपट्टे रख लेती थी। मेरा एक ड्राअर था, जिसमें मैं वो दुपट्टे रखती थी। उससे खुद कपड़े बनाती थी और जो भी मूवी देखती थी, उसके सीन और गानों पर परफॉर्म करती थी, तो ये कीड़ा तो मेरे दिमाग में हमेशा से था पर 16 साल की उम्र में मैंने ये हिम्मत जुटाई कि मैं ऑडिशन देकर देखूंगी कि मुझमें कितना टैलंट है। क्या मुझे ये काम करके खुशी मिलती है, तो 16 साल की उम्र में मैंने इस ओर पहला कदम रखा था।

बड़े पर्दे के इस सपने को पूरा करने में आपको छह साल लंबा संघर्ष करना पड़ा। एक प्रभावशाली परिवार से होने के बावजूद ऑडिशन में रिजेक्शन सहना कितना दिल तोड़ने वाला होता था? और कैसे आपने हिम्मत बनाए रखी?

ये बिल्कुल दिल तोड़ने वाला होता था। कई बार ऐसा होता था कि आप फाइनल राउंड तक पहुंच गए। ऐसा लगता था कि यह प्रॉजेक्ट मिल जाएगा, पर वह मुझे नहीं मिला, तो मैं घर आकर रोई हूं। वो एग्जाम फेल होने वाला अहसास होता है लेकिन मेरे दोस्तों या मेरी फैमिली ने कभी ये नहीं कहा कि तुम कुछ और कर लो। अगर उन्होंने एक बार भी कहा होता कि आप कुछ और क्यों नहीं कर लेती, तो शायद मैं डगमगा जाती, लेकिन उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा दिखाया। साथ ही मुझे याद है कि मेरे नाना जी ने मुझसे कहा था कि आपको डटे रहना पड़ेगा। मेरे नाना जी ने भी पॉलिटिक्स किसी के दम पर नहीं किया था। वे यहां मुंबई आए, एक नई राह चुनी, जिसमें वह सफल भी हुए। मेरी फैमिली में सबसे ज्यादा गर्व मेरे नाना जी को था कि मैं अपने लिए एक नई राह चुन रही हूं।

आप ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘प्यार का पंचनामा 2’ और ‘सोनू की टीटू की स्वीटी’ जैसी फिल्मों में असिस्टेंट रही हैं। उनकी शूटिंग के दौरान कभी ये इमैजिन करती थीं कि आप कैमरे के पीछे नहीं बल्कि सामने हैं?

बिल्कुल। सबसे ज्यादा ‘बाजीराव मस्तानी’ के सेट पर ऐसा होता था, क्योंकि संजय लीला भंसाली सर मेरे ड्रीम डायरेक्टर हैं और मैं चाहती हूं कि एक दिन मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिले। उनके सेट इतने भव्य और खूबसूरत होते थे कि मुझे लगता है कि जो ऐक्टर नहीं होते होंगे न, उनकी भी चाह होती होगी कि मैं इस सीन में काम करूं। ये सिर्फ मुझे ही नहीं, सेट के सभी लोगों को लगता होगा कि काश मैं इस सीन में होती।

अपने आने वाले प्रॉजेक्ट्स के बारे में बताएं? खुद को आगे किस तरह के ऐक्टर के रूप में स्थापित करना चाहेंगी?

मैंने एक फिल्म ‘महाराजा’ पूरी की है, जो पीरियड ड्रामा है। इसके अलावा, आदित्य चोपड़ा सर के बैनर का एक और प्रॉजेक्ट है। उसका टाइटल अभी फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन वो इस साल जल्द ही आएगा। वह कहानी बहुत अलग है, जिसे लेकर मैं बहुत एक्साइटेड हूं। मेरी कोशिश है कि मैं ऐसे किरदार निभाऊं और ऐसी कहानियां लोगों तक पहुंचाऊं, जिसमें मेरा एक हिस्सा हो। वह कॉमिडी भी हो, तो आप सेंट्रल कैरक्टर बनकर लोगों को हंसाएं। मैं चाहती हूं कि मेरी फिल्म में औरतों के लिए ऐसा पार्ट हो, जो दूसरी औरतों को इंस्पायर करे। अगर आज दो-तीन लड़कियां भी मुझे देखकर प्रेरित होती हैं तो मेरी ये जिम्मेदारी बनती है कि मैं उनको दिखाऊं कि लड़कियों को कैसे रोल करना चाहिए।

ऐक्टर्स की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रहती है। जैसे, आपके और सनी कौशल के लिंकअप की काफी खबरें उड़ती हैं। आपके पैरंट्स की इस पर क्या प्रतिक्रिया होती है। आप सनी को अपना दोस्त बता चुकी हैं, ऐसे में ये अफवाहें आपके रिश्ते को कितना प्रभावित करती हैं?

मेरी फैमिली के साथ मेरा रिश्ता बहुत ही ओपन है। मेरे पैरंट्स ने हमेशा यही कहा था कि आप कुछ भी करो, बस झूठ मत कहना। हमारे परिवार में ये चीज बिल्कुल साफ है। उनको बिल्कुल पता है कि मैं और सनी दोस्त हैं, इसलिए फैमिली के बारे में मुझे कोई डर नहीं रहता या सोचना नहीं पड़ता। रही बात सनी की कि क्या मुझे सोचना पड़ता है, उनसे मिलने जाने या न मिलने से पहले, तो मुझे लगता है कि हम ऐक्टर्स जरूर हैं, लेकिन हम इंसान भी हैं और हमारे भी दोस्त हो सकते हैं। मेरा मानना है कि लिंकअप्स हुए भी तो उसे हंसी-मजाक में लेकर छोड़ देना चाहिए, इसलिए मैं इन चीजों को ऐसे ही लेती हूं।

आप बॉलिवुड की सबसे चर्चित और प्राइवेट शादी यानी विकी-कटरीना की शादी की मेहमान रहीं। उस शादी की सबसे खूबसूरत या यादगार बात आपको क्या लगी?

वे दोनों ही मेरे बहुत करीबी दोस्त हैं। उन दोनों की शादी बहुत ही खूबसूरत थी। बहुत ही पाक थी। इंटीमेट और फैमिली के साथ थी और जैसे उन्होंने अपनी तस्वीरें डाली हैं, जो इतनी खूबसूरत हैं, उनकी शादी भी बिल्कुल उनकी तस्वीरों जैसी थी, तो मुझे नहीं लगता कि लोगों ने कुछ मिस किया, क्योंकि उनकी शादी भी बिल्कुल उनकी तस्वीरों जैसी ही खूबसूरत थी।

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Dhara

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