सिंगर शान की मां सोनाली मुखर्जी का हुआ निधन, खुद भी थीं मशहूर सिंगर

बॉलीवुड के मशहूर सिंगर शान के लिए यह बेहद ही दुखद समय है.गायक शान की मां सोनाली मुखर्जी का निधन हो गया है.इस बात की जानकारी गायक कैलाश खैर के एक ट्वीट के जरिए मिली है.गायक शान के लिए यह बहुत ही दुख की घड़ी है,क्योंकि पिता को खोने के बाद शान को उनकी मां ने ही काबिल बनाया था और वह उनकी कामयाबी में हर कदम पर साथ थीं.अब मां सोनाली मुखर्जी के इस दुनिया से अलविदा कह देने से उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

कैलाश खैर ने ट्वीट कर लिखा- बड़े भाई शान की मां का देहावसान हो गया.परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की सद्गति की प्रार्थनाएँ॥ तीनों लोक के अधिपति भगवान शिव से प्रार्थना है की हमारे शान भैया के परिवार को ये दुःख सहन करने की शक्ति मिले॥ अनन्त प्रार्थना ॐ

गायक शान ने भी इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपनी मां के निधन के बारे में भावुक पोस्ट की है. उन्होंने लिखा-हम अपनी मां सोनाली मुखर्जी के निधन से बेहद दुखी और हतप्रभ हैं.उन्होंने आगे बताया कि उनकी मां की मृत्यु सोते समय नींद में ही हुई है.शान ने आगे लिखा,”वह एक दयालु आत्मा, महान इंसान और एक प्यारी मां हैं यह हम सब के लिए बहुत बड़ी क्षति है, जब तक हम उन्हें अंतिम अलविदा कहने की कोशिश कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि आप कोविड प्रतिबंधों को ध्यान में रखें और विनम्रता के साथ आपसे अनुरोध है कि आप उनके लिए प्रार्थना करें.

 

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बॉलीवुड के पार्श्व गायक और संगीतकार शान जब 14 साल के थे, तभी उन्होंने पिता को खो दिया था.शान ने कहा कि उनके पिता “बेहद प्रतिभाशाली” थे और वह “उनसे दो प्रतिशत भी” नहीं हैं.शान ने अपने पिता, दिवंगत संगीत निर्देशक मानस मुखर्जी के बारे में बात करते हुए आईएएनएस को बताया,मैंने बहुत कम उम्र में अपने पिता को खो दिया था, मैं सिर्फ 14 साल का था और वह 43 वर्ष के थे.वह एक बहुत ही अनोखे व्यक्ति थे.निष्ठा की मजबूत भावना के साथ, जिसे मैंने आत्मसात किया.उन्होंने मुझे सिखाया कि मैं कभी भी ऐसा काम न करूं जो उन्होंने नहीं किया है। मैं इस बात का श्रेय उन्हें देता हूं.

शान बताते हैं,उन्होंने अपने पिता से काफी कुछ सीखा है.मुशायरों में वह बेहद प्रतिभाशाली थे और मैं उसका दो प्रतिशत भी नहीं हूं.मेरे पिता ने मेरे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, मुझे यह बनाने में कि मैं कौन हूं.मैं चाहता हूं कि ऐसा ही कुछ मैं अपने बच्चों को दे सकूं.शान ने कहा, ‘मेरे दोनों बच्चों की अपनी अलग-अलग शख्सियतें हैं.मुझे यह कहते हुए धन्य और प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है कि, मुझे कभी भी उन पर बहुत अधिक अनुशासन नहीं करना पड़ा या कभी उनके साथ बहुत ज्यादा सख्ती करनी पड़ी.मुझे लगता है कि मैं इस तरह का व्यक्ति हूं कि वे एक पिता के रूप में दिखेंगे और उनके लिए एक रोल मॉडल होंगे.यह सब करते हुए, मैं सही तरह का व्यक्ति बनने में कामयाब रहा.इससे मुझे यह कहने में गर्व महसूस होता है कि मेरे बच्चे, मेरा सम्मान करते हैं,मुझसे प्यार करते हैं और मेरी ओर देखते हैं और आशा करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि मैंने उन्हें कभी निराश नहीं किया.

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Air News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara

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