कौन है ये गोलू-मोलू सा बच्चा जिसे धर्मेंद्र ने प्यार से गोद में उठा रखा है? 99% हो जाएंगे फेल

बचपन सबसे प्यारा होता है। जब हम छोटे होते हैं तो बड़े ही क्यूट दिखते हैं। लेकिन फिर जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है यह क्यूटनेस चली जाती है। हमारा चेहरा काफी हद तक बदल जाता है। कई बार तो पहचानना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे बच्चे की तस्वीर दिखाने जा रहे हैं जो बॉलीवुड के महशूर स्टार धर्मेंद्र  की गोद में बैठा है। एक्टर की गोद बैठ यह गोलू-मोलू सा बच्चा आज बॉलीवुड का जाना माना अभिनेता है। क्या आप ने इसे पहचाना?

धर्मेंद्र की गोद में बैठा ये बच्चा कौन है?

यदि आप इस बच्चे को नहीं पहचान पाए तो बता दें कि ये कोई और नहीं बल्कि धर्मेंद्र का छोटा बेटा बॉबी देओल  है। बॉबी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की है। इसमें वे अपनी दोनों बहनों अजेयता और विजेता के साथ पापा धर्मेंद्र संग नजर आ रहे हैं।

 

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बॉबी इस तस्वीर में बहुत ही छोटे हैं। वे दिखने में बड़े क्यूट लग रहे हैं। इंस्टाग्राम पर इस तस्वीर को साझा करते हुए उन्होंने कैप्शन में दिलवाला इमोजी बनाया है।बॉबी देओल की इस पोस्ट पर धर्मेंद्र का कमेंट आया है। उन्होंने लिखा ” प्यार, तुम सभी मेरे सबसे प्यारे बच्चे हो, खूबसूरत यादें। ”

बॉबी देओल से जुड़ी दिलचस्प बातें

1. बॉबी देओल ने 2005 में बरसात फिल्म से डेब्यू किया था। हालांकि वह इसके पहले 1977 में रिलीज हुई धर्मेन्द्र की फिल्म धरमवीर में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम कर चुके थे। इस फिल्म में उन्होंने यंग धर्मेन्द्र का किरदार निभाया था।

2. बॉबी ने बॉलीवुड में काम तो बहुत किया लेकिन उन्हें पापा धर्मेंद्र या भाई सनी देओल जैसी सफलता नहीं मिल पाई। गुप्त, और प्यार हो गया, करीब, सोल्जर, दिल्लगी, अपने और यमला पगला दीवाना जैसी फिल्मों में उन्होंने अपना बेस्ट दिया। हालांकि दर्शकों से उन्हें वैसे प्यार नहीं मिला जैसे धर्मेंद्र या सनी को मिलता है।

3. बॉबी के सफल न होने के पीछे एक वजह उनकी पतली आवाज भी थी। उनकी आवाज पापा या भाई जैसी बुलंद नहीं थी। आलम ये था कि कुछ लोग उन्हें ‘बहन जी’ कहकर चिढ़ाते थे।

धर्मेंद्र से दूरियां और प्यार

अपनी पतली आवाज से बॉबी तंग आ चुके थे। इसका असर उनके दिमाग पर भी पड़ा। वह परिवार से बिल्कुल अलग-थलग हो गए थे, यहां तक कि बगावत पर उतर आए थे। 18 साल की उम्र में वह पहली बार डिस्को गए थे तो उनके अंदर एक विद्रोही ने जन्म ले लिया था। वह कई सालों तक माता-पिता की हर बात टालते रहे।पापा को नजरअंदाज करते रहे। धर्मेंद्र बॉबी के भले के लिए कहते थे, लेकिन बॉबी गुस्से में इतने अंधे हो गए थे कि किसी की बात नहीं सुनते थे।

बॉबी ने इसका जिक्र एक इंटरव्यू में भी किया था। उन्होंने बताया था कि “यही वह समय था जब मेरे और पापा के रिश्ते सबसे खराब दौर से गुजर रहे थे। उन्होंने मुझे कभी मारा या डाटा नहीं लेकिन उनकी आँखों में मुझे लेकर चिंता साफ दिखती थी। हमे बचपन से पापा के साथ अधिक समय बिताने का मौका नहीं मिला।

वे अक्सर शूट में व्यस्त रहते थे। ऐसे में मेरे और पापा के बीच एक गैप रहा। मैं उनसे अपने दिल की बातें शेयर नहीं कर पाता था। हालांकि फिर मैं जैसे जैसे बड़ा हुआ पापा की बातों को समझने लगा। तब उनका बीजी रहना और टाइम न देना बुरा लगता था, लेकिन अब समझता हूं कि यदि पापा उस समय काम न करते तो हम इतनी आलीशान लाइफ न जी रहे होते।”

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. Air News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Dhara

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